कई हेल्थ गाइडलाइंस मानती हैं कि किसी को भी अधिक चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए वरना सेहत पर कुछ नेगेटिव असर पड़ सकता है. इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज (ILBS) के डायरेक्टर डॉ. शिवकुमार सरीन का इस बारे में क्या कहना है, ये जानेंगे. सेहत के लिहाज से चीनी को अक्सर विलेन की नजर से देखा जाता है. वैसे तो चीनी प्राकृतिक रूप से उन सभी चीजों में पाई जाती है जिनमें कार्बोहाइड्रेट होते हैं… जैसे फल, सब्जियां, अनाज और डेयरी प्रोडक्ट आदि. हालांकि एक्सपर्ट शुगर के हर प्रकार को गलत नहीं कहते लेकिन उनके मुताबिक, प्रोसेस्ड शुगर को लेने के कुछ साइड इफेक्ट भी बताए जाते हैं. पौधों से प्राप्त चीजों में शुगर के साथ-साथ फाइबर, आवश्यक मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं और डेयरी प्रोडक्ट्स में प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है इसलिए इनकी चीनी को खाया जा सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं चीनी की अधिक खुराक लेना सेहत के लिए सही नहीं होता. हाल ही में इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज (ILBS) के डायरेक्टर डॉ. शिवकुमार सरीन ने एक इंटरव्यू में बताया है कि रोजाना कितनी चीनी लेना चाहिए.
रोजाना कितनी चीनी खाएं?
लिवर स्पेशलिस्ट डॉ. शिवकुमार सरीन का कहना है, ‘पूरे दिन में आप जितनी कैलोरीज ले रहे हैं, उसका 5 से 10 पर्सेंट से अधिक चीनी नही लेनी चाहिए. अब उनकी कैलोरीज कैसे पता लगते हैं कि आपको कितनी कैलोरीज लेनी है आपके शरीर के लिए कैलोरीज को निकालने के लिए डॉ. सरीन ने फॉर्मूला बताया, आपकी लंबाई (सेमी) में से 100 घटाइए और उसे 20 से गुणा कर दीजिए. यानी कि एक नॉर्मआदमी को 1400 से 1800 कैलोरीज ही अधिक कैलोरीज नहीं लेनी चाहिए और उसके 10 प्रतिशत से अधिक शुगर नहीं लेनी चाहिए यानी करीब 140 कैलोरीज.
