दून मेडिकल कॉलेज में सामने आए रैगिंग के गंभीर प्रकरण ने कॉलेज प्रशासन और शिक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। एंटी रैगिंग कमेटी की जांच में खुलासा हुआ कि सीनियर छात्रों ने न केवल एक जूनियर छात्र से मारपीट की, बल्कि उसके साथी छात्र को धमकाकर उसी से पिटाई भी करवाई।
कमेटी के अनुसार, दबाव और भय के चलते मारपीट करने वाले छात्र को भी रैगिंग का पीड़ित माना गया है और उसकी शिकायत दर्ज की गई है। जांच के दौरान बयान, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य सुरक्षित कर लिए गए हैं।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि 2016 में स्थापित दून मेडिकल कॉलेज के इतिहास में यह अब तक का सबसे गंभीर रैगिंग मामला है। इसके अनुरूप सख्त कार्रवाई की गई है और आगे भी शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में भी कॉलेज में रैगिंग के दो मामले सामने आए थे, जिनमें दोषी छात्रों को हॉस्टल से निष्कासित कर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
यह घटना छात्रों के सम्मान, सुरक्षित शिक्षा का अधिकार और हिंसा-मुक्त कैंपस की आवश्यकता को रेखांकित करती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि रैगिंग के खिलाफ निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई और कड़ी की जाएगी।